ब्रजभाषा व्यंग्य – खैर अपुन कों का

ऑफिस में काम करते करते भए बोर है गयौ तौ सोची चलौ नेंक समाचार सुन लेंय. टी वी खोली तौ सुनाई परी – देखिये हमारे चैनल पर सब से पहली बार – मन में सोची ये आठवों आश्चर्य कैसें है सकै, सब सों बाद में जो नींद सों जागै है वौ सब सों पहलें खबर कैसें बताय सकै . खैर अपुन कों का.

 

खबर हुती - भारी तबाही से जनजीवन बेहाल. हमें लग्यौ रूस और युक्रेन युद्ध की बात कर रह्यौ होयगौ. तबाही तौ है ही रही है भैया, सिगरी दुनिया कों साफ साफ दिख हु रही है, अब यै थोरी अलग जैसी बात है कि लगभग सिगरी की सिगरी दुनिया दोउ दोउ आँख’न वारी होते भए हू सूरदास जैसी  बनी भई है. खैर अपुन कों का.

 

खबरची आगें बोल्यौ - उत्तराखंड के केदारनाथ की पहाड़ियों पर भयंकर बादल फटा. बात अब नेंक समझ में आयी. देखौ साब यै बादर फटवे वारी बात है तौ भोत ही दुःख की, यै कोउ खुसी की बात थोरें ही है. परन्तु का करें जब मनुष्य नें पर्यावरण कौ बैंड बजायवे की ठान ही लीनी है तौ भैया कुदरत हू तौ अव्वल वारी डांस मास्टर है. वा नें हु मनुष्य’न सों समय समय पै ऐसे ऐसे कत्थक, कुचिपुड़ी और भरत नाट्यम करवाये हैं कि पूछौ ही मत. खैर अपुन कों का.

 

खबरची आगें बोल्यौ – बादल के फटने से समूचा जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है, लोगों के हाल बेहाल हैं. हें, या में कौन सी नयी बात है. जनजीवन तौ अनादि काल सों अस्त व्यस्त है. लोग’न के हाल का आज पहली बार बेहाल भए हैं. जब जलियावाला काण्ड भयौ तब हु जनजीवन अस्त व्यस्त हुतो और लोग हाल बेहाल, जब राम और कृष्ण कों जनम लैनों पर्यौ हुतो तब हु लोग’न कौ जीवौ दुस्वार ही हुतो, और जब वराह अवतार भयौ हुतो भैया तब हु जनार्दन जा सों कह्यौ जावै वौ जनता अत्याचार की चकिया में पिस ही रही हुती, अब कौन सी नयी बात है गयी. खैर अपुन कों का.

 

खबरची आगें बोल्यौ – उत्तराखंड के केदानाथ थाम में बादल फटने से बेहाल हुए लोगों की सहायता के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये की मदद का ऐलान किया है. हमारे अधर’न पै नेंक मुस्कान आयी और मन ही मन बोले कि एक और सरकारी मदद कौ ऐलान. खैर अपुन कों का.

 

नवीन सी. चतुर्वेदी

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