चेंटी चेंटा पार्टी – ब्रजभाषा व्यंग्य

 आउ भेंन बत्तो, का खबर लायी?

 घुटरू आजकल तौ एक ही खबर है चारों तरफ। कॉकरोच पार्टी वारी खबर। या खबर पै ही पूरौ जोबन छायौ भयौ है आजकल। खबर स्टेज पै ठुमका लगाय रही है और कोउ तबला बजाय रह्यौ है, कोउ बीन बजाय रह्यौ है, कोउ तान रह्यौ है, कोउ पूर रह्यौ है, कोउ रिकॉर्डिंग कर रह्यौ है, कोउ लाइव दिखाय रह्यौ है, कोउ मूँगफरी बेच रह्यौ है तौ कोउ भीड़ में पॉकेट साफ कर रह्यौ है।

 

हाँ बत्तो, सीन तौ कछू कछू गाम की नुमाइस जैसौ ही है। बसन्ती नाच रही है और गब्बर झूम रह्यौ है। धर्मेन्दर कह रह्यौ है बसन्ती इन कुत्तों के सामने मत नाचना मगर बसन्ती मजबूर है वाय नाचनों जरूरी है। वौ नाचैगी नाँय तौ फिलम थियेटर में चलैगी नाँय। टिकट बिकंगी नाँय। टिकट नाँय बिकंगी तौ बिचारे प्रोड्यूसर कौ का होयगौ? जानें खेत और ट्रैक्टर बेच कें फिलम बनायी है। वौ बिचारौ तौ फुटपाथ पै आय जावैगौ। तुलसीदास कह गए हैं “जीवहि जीव अधार, बिना जीव जीवै नहीं”। या मारें बसन्ती कों नाचनों परैगौ। आखिर पब्लिक कों तमासौ जो देखनों है।

 

घुटरू वैसें एक बात बताय, नयी कॉकरोच पार्टी बनायवे की जरूरत ही का है? कॉकरोच जामें पैदा होमें वौ तौ पहले सों ही हर पार्टी में मौजूद है। नाँय समझौ? अरे भैया कॉकरोच गन्दगी में पैदा होमें हैं नें? तौ बताय कौन सी पार्टी दूध की धुवी है? अरे मैं तौ कहौं हर पार्टी कों अपनी पार्टी के भीतर कछू उप पार्टी बनाय दैनी चैंयें जैसें कि कॉकरोच पार्टी, छिपकली पार्टी, लोमड़ी पार्टी, मेंढक पार्टी, छछून्दर पार्टी, गिरगिट पार्टी, चेंटा पार्टी आदि आदि इत्यादि।

 

बत्तो तैंनें चेंटी पार्टी के बारे में नाँय कही?

 

घुटरू चेंटी पार्टी हू हर पार्टी में पहले सों हैं ही। छोटे छोटे कार्यकर्ता जो दिनरात मेहनत करते रहें ये सब चेंटी पार्टी वारे ही तौ हैं। ऊपर वारे कौ सिस्टम हू गजब कौ है। जो खून पीमें हैं विन मच्छर’न कों तौ पंख दीने हैं मगर जो चेंटी दिनरात लगातार मेहनत करती रहें विनकों रेंगवे की चाल दीनी है। हाँ कछू कछू चेंटी उड़वे वारी हू होमें हैं मगर जादातर तौ बिचारी रेंगती ही रहें हैं। जब ऊपर वारे नें ही चेंटी’न पै दया नाँय दिखायी तौ वाके बनाये मनुष्य सों कहा उम्मीद रखी जाय?

 

मेहनती लोगों से मेहनत ही कराते हैं सभी

रब ने भी तो चींटियों को रेंगने की चाल दी

 

नवीन सी. चतुर्वेदी

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