ऊपर वारे नें सबकों कछू न कछू बिसेस क्वालिटी के संग बनायौ है। जहाँ कछू लोग अकबर-बीरबल जैसे लगें हैं वहीं कछू लोग साक्षात नारद मुनि कौ अवतार दिखाई परें हैं। कछू’न कों देख कें लगै कि पिछले जनम में ये जरूर ही मुनीम साब रहे होमंगे तौ कछू’न कों देख कें लगै है कि इन कौ तौ जनम ही बकालत करवे के लिएं भयौ है।
कछू दिन’न सों एक मिस बाटलीवाला सम्पर्क में हैं। हालाँकि वे बकील है नाँय मगर विनसों द्वै-चार मिनट बात करते ही समझ में आय जावै कि दुनिया में अगर कोउ सबसों बड़ौ बकील है तौ ये ही हैं। इनके होठ’न पै लिपिस्टिक कम और ऐतराज जादा रहै। अबतक ये इतने लोग’न सों इतनी बार ऐतराज जाहिर कर चुकी हैं कि इनकौ नाम ही मिस ऐतराज पर गयौ है। जान-पहिचान वारे बतामें एक बार ये फ्लाइट में बैठी हुतीं, एयरहॉस्टेस के भाग फूटे जो इनसों पूछ बैठी “आर यू कम्फर्टेबल मिस”? आदत सों लाचार मिस बाटलीवाला तपाक सों बोली “हमको ऐतराज है”। एयरहॉस्टेस नें सोची ऐसौ मैनें का कह दियौ कि इन्हें ऐतराज है गयौ? ये बोलीं “आपने पीछे से क्यों पूछा? सामने आकर क्यों नहीं पूछा?” अब या भली आदमि’न कों कौन समझावै कि हवाईजहाज में सीट’न के बीच में सँकरौ रस्ता होवै है, बिचारी एयरहॉस्टेस वा हालत में जैसें है सकै वैसें हाजिरी बजामें हैं। एक और किस्सा सुनों हमनें, एक दिना गोलगप्पा जैसी मिस बाटलीवाला कौ पानीपुरी खायवे कौ मन भयौ। खोमचा पै खड़े है कें इननें पानीपुरी खायी। एज अ प्रैक्टिस पानीपूरी वारे नें लास्ट में इनकों एक्स्ट्रा वारी पानीपूरी दीनी। साब वा एक्स्ट्रा पानीपूरी कों लैवे की जगें बोलें का हैं कि “हमको ऐतराज है, माँगे बिना क्यों दी?” मिस ऐतराज तौ मिस ऐतराज हैं ही मगर वौ पानीपूरी वारौ हु भौत पहोंचौ भयौ हुतो साब। वानें हु डायलॉग पै डायलॉग चिपेक मारे कि “मैडम जी अब ये एक्स्ट्रा वाली पानीपूरी वापस ले लूँ या उसमें भी ऐतराज है? हाथ धुलवाऊँ या उसमें भी ऐतराज है? पैसे माँगूँ या उसमें भी ऐतराज है? पानीपूरी कैसी लगी ये पूछूँ या उसमें भी ऐतराज है?” भैया हमनें सुनी है कि पहलें तौ केवल यार दोस्त ही इनसों मिस ऐतराज कहत हुते मगर वा दिन के बाद तौ मिस ऐतराज बल्ड फेमस है गईं।खामियाँ
ढूँढने की ऐसी लत लगी उनको
चाँद
से कहते हैं दुपहर में क्यों नहीं दिखते
नवीन
सी. चतुर्वेदी
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