भौत दिना है गये घुटरूमल जी आये नाँय सो हमनें खैर खबर लैवे कों फोन लगायौ तौ पतौ चलौ कि आप काऊ ठेकेदार के संग प्रयागराज महाकुम्भ में गये भये हैं।
हमनें पूछी और सुनाऔ का
समाचार हैं ? बोले गुरूजी का बतामें कैसी कैसी लीला देखवे कों मिल रही हैं, पूछौ ही मत। खासकर कें युट्यूब वारे’न कौ अलग ही कुम्भ चल रयौ है। कोउ
छपकली’न के वीडियो बनाय रयौ है तौ कोउ मसक्कली’न की रील। कहूँ ठिठुरती ठण्ड में एकमात्र
वस्त्रधारी सन्त लोग ऊनी कपड़’न सों लदे पदे लोग’नें असीस दै रहे हैं तौ कहूँ वस्त्रधारी
नंगा लोग नागा साध्वी’न के पीछें कैमरा लिएं भाग रहे हैं। कोउ अघोरी अपने करतब
दिखाय रयौ है तौ कोउ चीमटा लै कें युट्यूबर’न कों दौडाय रयौ है। कोउ कर्ज लै कें
कुम्भ नहायवे आयौ है तौ काहू नें दातुन बेच कें ही हजार’न कमाय लीने हैं। एक
मृगनैनी कों तौ फिलिम में काम करवे कौ ऑफर तक मिल गयौ। जिनकों मिल गये वे मीठे और
जिनकों नहीं मिले वे अंगूर’नें खट्टे बताय रहे हैं। समूचौ संसार जासों शिक्षा
ग्रहण कर रयौ है वा महाकुम्भ में जगें जगें लोग भिक्षापात्र उठाएं घूम रहे हैं। गुरूजी
सबते बड़ी विडम्बना तौ यै दिखी कि “नदी किनारें हू पानी की कैन बिक रई हैं” । जितने
लोग वितनी लीला। कहाँ तक बखान करें।
फिर हमनें पूछी आप अपनी बताऔ
कौन के संग गये हौ, का कर रहे हौ? बोले गुरूजी मैं तौ हिमालय सों
पधारे महामण्डलीश्वर महाराज के दर्शन की टिकट बेच रयौ हों। का करों पापी पेट कौ
सवाल है सो इनके संग काम कर रयौ हों। ये भौत अच्छे आदमी हैं। टोटली धर्म निरपेक्ष।
ये जो महाराज जी हैं नें ये ही मेरे बॉस हैं। ये क्रिसमस पै फादर बन जामें,
ईद पै मौलवी और साधू सन्त तौ ये साल में जब चाहें तब बनते रहें। आप
तौ जानों ही हौ हम भारतवासी कितने मासूम होमें हैं। हमारी मासूमियत न जानें कितने’न के पेट पाल रही
है।
अपने यहाँ धरम पै टिप्पणी
करवे कों भौत बड़ौ अपराध मानें सो घुटरूमल की बात सुन कें हम केवल मुस्कुराय कें रह
गये। परन्तु हमनें यै जरूर पूछी कि घुटरूमल जी महामण्डलेश्वर तौ सुने हैं यै
महामण्डलीश्वर वारी कौन सी लीला है? घुटरूमल जी बोले गुरूजी वौ का है नें हमारे सेठजी
नें एप्लाई तौ करी हुती परन्तु महामण्डलेशर की डिग्री वारे दस करोड़ माँग रहे हुते।
नवीन सी. चतुर्वेदी
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