हैं जिनके वचन अमृत पर कर्म निगोड़े हैं
घुटरू अखबार में खबर पढ़ी का? ईरान और
इजरायल के बीच सीजफायर समझौता है गयौ।
बत्तो अब यै बासी का तिबासी हु नाँय
चौबासी खबर है। कल्ल सों अब तक सोशल मीडिया पै पचास’न बार आय चुकी है। अच्छा बत्तो
तोय याद है अपनी झुमरी तलैया में एक ताऊ तमंची रहते।
हाँ घुटरू बिल्कुल याद है। विनके
कारनामे हू याद हैं। गरमी’न के दिन हुते। एक रात अचानक सों बत्ती चली गयी। पूरे
मुहल्ला में हाय तौबा मच गयी। बस अपने मुहल्ला की बत्ती ही गयी हुती। अगल बगल के
मुहल्ला’न की नाँय गयी। सब घर’न सों बाहर निकर आये। सोच रहे कौन कों बुलामें इतने
में ही ताऊ तमंची एक बत्ती वारे कों लै कें आय गये और दहाड़ कें बोले देख वहाँ तार
कौ जॉइंट टूट गयौ है वाय जोर बत्ती अभी आय जायगी। जॉइंट जुर गयौ, बत्ती आय गयी,
सब फिर सों सोय गये। बात आयी गयी है गयी। ताऊ तमंची हीरो बन गये।
हाँ बत्तो ऐसें ही एक घटना मोकों हू
याद आय रही है। पहलें सब घर’न में नल नाँय नीं। गली में मुंसिपालिटी की नल सों
पानी भरौ जातो। एक दिना ऐसौ भयौ कि नल में पानी ही नाँय आवै। सब चिन्ता फिकर में
पर गये। भयौ का? बिना पानी कैसें करंगे? इत्ते में ही ताऊ तमंची एक नल वारे कों
पकर कें भाजे भाजे आये और एक्सपर्ट की तरें बोले या पाइप में कछू फँस गयौ है, तार डार कें निकार,
फौरन पानी आयवे लगैगौ। वैसौ ही भयौ। जैसें ही नल में तार डारौ पाइप
में सों यै लम्बौ चीथरा निकसौ। चीथरा निकसते ही पानी आयवे लगौ। लोग पानी भरवे लगे।
बात आयी गयी है गयी। ताऊ तमंची हीरो बन गये।
और घुटरू तोय याद है? एक बार छत्त पै
बरात की पंगत लगी भयी हुती। परसैया परोस रहे हुते। एक बड़े से तबेला में रायतौ रखौ हुतो।
अचानक सों अवाज आयी अरे रायतौ फैल गयौ। फिर सबनें देखौ ताऊ तमंची रुस्तमे-हिन्द की तरें अखाड़े
में उतर कें रायते सों दो दो हाथ करवे लगे मतलब रायतौ समेटवे लगे। ताऊ तमंची हीरो
बन गये।
बत्तो तोय नाँय लगै आज अगर ताऊ तमंची
होते तौ ट्रम्प की कुरसी हिलाय कें रख देते?
हम पै हम जैसे धड़े ही राज करते हैं
हुजूर
ऊतियों पर ऊतिये ही राज करते हैं
हुजूर
नवीन सी.
चतुर्वेदी
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