बोल भैया घुटरू म्हों लटकाएं क्यों बैठौ है? भुजैया सों कछू अनबन है गयी या कछू और बात है? बताय तौ सही!
घुटरू पहेली छोड़ असली बात बोल।
भेंन बात यों है कि आजकल अपुन सब फेसबुक
पै हैं। सब के गल्ले’न फ्रेंड हैं। इन फ्रेंड’न के जीवन के शुभ अशुभ प्रसंग’न के समाचार
फेसबुक पै पढवे कों मिलें और अपुन सब जैसी घटना वैसे कॉमेंट लिखें। रोज भौतेरे कॉमेंट
लिखने होमें सों समय बचायवे के लिएं मैंनें कछू रेडीमेड कॉमेंट लिख कें सेव कर रखे
हैं। जैसी घटना होवै वैसौ ही कॉमेंट कॉपी पेस्ट कर देंउ।
भयौ ऐसौ कि मेरे एक दोस्त कों वाकी कम्पनी
नें प्रमोशन दियौ और एक दोस्त कों नौकरी सों निकार दियौ। मोय दौनों’न पै कॉमेंट लिखने
हुते। गड़बड़ यै भयी कि जा दोस्त की नौकरी छूटी वा पै प्रमोशन मिलवे वारौ कॉमेंट चिपकाय
मारौ कि “नसीबों वाले होते हैं वे लोग जिनको यह सौभाग्य मिलता है। ईश्वर की कृपा से
आज यह शुभ दिन आया है। भगवान करे ऐसा शुभ संयोग आपके जीवन में बार बार आये।“
एक मित्र कौ सम्मान भयौ, वाय अवॉर्ड मिलौ और एक
मित्र कौ बायकॉट भयौ। अवॉर्ड पायवे
वारे की पोस्ट पै कॉमेंट चिपकाय मारौ अपमान वारौ “न जाने किस मनहूस की नजर लगी है मेरे
भाई को। हाय यह दिन भी देखना पड़ा। आपकी योग्यता को लोग समझ नहीं पाये हैं। ये जो आपको
मिला है न आप इसके काबिल हैं ही नहीं। फेंक दो इसे डस्टबिन में। ठोकर मारो ऐसे इसे
और आगे बढ़ जाओ। भगवान करे ऐसा दिन आपके जीवन में दोबारा कभी न आये।“
यै तौ कछू नाँय हद्द तौ तब भई जब एक दोस्त
की तलाक भई और एक लँगोटिया यार कौ एक्सीडेंट। तलाक वारे की पोस्ट पै एक्सीडेंट कौ मजाकिया वारौ कॉमेंट चिपकाय मारौ “और
चलाओ बिना देखे गाड़ी। भाई गाड़ी चलाते समय नजर केवल सामने होनी चाहिए सड़क पर। इधर उधर
के आयटम देखकर चलाओगे तो एक्सीडेंट तो होगा ही। अब भुगतो अपनी करनी का फल। वैसे ये
तो बताओ वो छमिया है कौन जिसके चक्कर में मेरा यार इस हालत में पहुँचा है?
नहीं दरकार फिर भी हेस्ट करते जा रहे
हैं बस
मुसलसल वक्त अपना वेस्ट करते जा रहे हैं
बस
ठहर कर सोचने में जैसे कुछ नुकसान हो
इनका
सो ताबड़तोड़ कॉपी पेस्ट करते जा रहे हैं बस
नवीन सी.
चतुर्वेदी
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