ब्रजभाषा व्यंग्य – इन्फ्लुएन्सर

 खूब थी वो मक्कारी खूब ये छलावा है

वो भी क्या तमाशा था ये भी क्या तमाशा है

 

घुटरू एक नयौ शब्द सुन्यौ। नयौ  है मेरे लिएं तौ। पहली बार ही सुन्यौ है। अंग्रेजी कौ है सो  चटाखेदार हू लग रयौ है। वैसें हू अपुन लोग’न कों दूर के ढोल सुहाने लगें। घर कौ जोगी जोगना आन गाम कौ सिद्ध।

 

बत्तो तू जबान की कटार ही चलावत रहैगी या वा शब्द कों अपनी लल्लो सों टपकन हू देयगी ।

 

बताय रही हों, बताय रही हों। वौ शब्द है इन्फ्लुएन्सर। मीनिंग तौ नाँय पतौ मगर लगै बड़ौ ही मलूक सौ है। वैसें घुटरू मीनिंग समझवे की आदत कहाँ है अपुन जैसे’न कों? बचपन सों अब तक संस्कृत के मंत्र हाथ जोर कें सुनते रहे हैं बस। न काहू नें मीनिंग बतायवौ जरूरी समझौ न हमें ही जरूरत परी। मंत्र छोड़ हम तौ गीत-गजल’न कों हू समझे बिना ब्याउ-बरात’न में गाते-गवाते रहे हैं। वैसें इन्फ्लुएन्सर कौ मतलब का होवै?

 

बत्तो मंत्र, गीत-गजल का अपुन तौ डॉक्टर की दवाई हू समझे बिना लेते रहे हैं। बस भरोसौ है  कि ठीक है जांगे। मगर भरोसे कौ जमानों रह्यौ नाँय बत्तो। इन्फ्लुएन्सर यानि प्रभावशाली व्यक्ति। यै शब्द तौ तैंनें अनेक बार सुन्यौ होयगौ। प्रभावशाली व्यक्ति यानि वह व्यक्ति जासों लोग प्रभावित रहते होंय। जैसें पहलें हीरो-हीरोइन’न सों विज्ञापन करवाये जाते वैसें ही आजकल इन्फ्लुएन्सर’न सों अपने उल्लू सीधे करवाये जामें। इनके दम पै मामूली तेल हू जड़ी-बूटी वारौ तेल बन कें हजार’न में बिक सकै।

 

घुटरू तब तौ ये महान व्यक्ति भये! लोग इनकौ अनुसरण करें या सों बड़ी बात का होयगी?

 

बत्तो अनुसरण तौ हीरो-हीरोइन’न कौ हू कियौ समाज नें। भयौ का? सिगरेट, गुटखा, दारू, जुआ जैसी अनेक’न बिमारी घर-घर पहोंच गयीं। ऐसे अनुसरण सों भलौ हैवौ तौ दूर लोग’न के घर’न के घूरे है गये। अरे महान इन्फ्लुएन्सर तौ जो है चुके सो है चुके। अब तौ सपने हैं बस। एक भये सुभाषचन्द्र बोस। एक अवाज पै लुगैया’न नें गहने उतार कें दै दिये कि जाऔ देस अजाद कराऔ। एक भये लालबहादुर शास्त्री। देस में अकाल परौ। एक आह्वान पै नास्तिक लोग’न नें हू महीना में दो बार एकादसी के व्रत रखे। वे हुते महान इन्फ्लुएन्सर। वौ जमानों गयौ, वे लोग गये। आऔ नमन करें विनें। हर तरफ अब तौ बस ब्यौपार है और ब्यौपार में दुरुपयोग कों हू सदुपयोग ही मानों जावै।

 

जब जामवन्त गरजा हनुमत में जोश जागा

हमको जगाने वाले लोरी सुना रहे हैं  

 

नवीन सी. चतुर्वेदी

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